(N/A) $1$. परमाणु और आयनिक त्रिज्या: समूह-$15$ के तत्वों की परमाणु और आयनिक त्रिज्या समूह-$14$ के तत्वों की तुलना में छोटी होती है,जिसका कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश में वृद्धि है। समूह में नीचे जाने पर,नए मुख्य कोशों के जुड़ने के कारण त्रिज्या बढ़ती है। $N$ से $P$ तक यह वृद्धि महत्वपूर्ण है,लेकिन $As$ से $Bi$ तक यह वृद्धि कम होती है क्योंकि इनमें पूर्ण रूप से भरी हुई $d$ और $f$-कक्षकों का दुर्बल परिरक्षण प्रभाव (shielding effect) होता है।
$2$. आयनन एन्थैल्पी: परमाणु आकार बढ़ने के कारण समूह में नीचे जाने पर आयनन एन्थैल्पी घटती है। समूह-$15$ के तत्वों की आयनन एन्थैल्पी समूह-$14$ से अधिक होती है क्योंकि इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास अतिरिक्त स्थिर अर्ध-पूर्ण $p$-कक्षक $(ns^2 np^3)$ वाला होता है।
$3$. विद्युत ऋणात्मकता: परमाणु आकार बढ़ने के साथ समूह में नीचे जाने पर विद्युत ऋणात्मकता घटती है। नाइट्रोजन इस समूह का सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व है।